पहली बार रामचरित्र मानस की एक लाख से अधिक प्रति बिकी है – गीता प्रेस गोरखपुर

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Ram-Mandir (राम मंदिर) की प्राण प्रतिष्ठा होने के कारण रामायण की डिमांड बहुत बढ़ गई है, अब तक 1 लाख किताबों की डिमांड आ चुकी है और ऑनलाइन सर्च में 1.5 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं।

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गीताप्रेस गोरखपुर ने बताया कि इंडियन यूथ ने सबसे ज्यादा इंटरेस्ट शो किया है, इंडियन यूथ रामायण के बारे में जानना चाहता है और समझना चाहता है
भगवान श्री राम मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो कि अयोध्या, उत्तर प्रदेश में है। भगवान राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई।
5 अगस्त 2020 को राम मंदिर की भूमि पूजन की गई और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की गई, प्राण प्रतिष्ठा में देश के लगभाग वीआईपी लोगो को बुलाया गया और सारे वीआईपी लोग आए जिसमें सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन तक आए थे।

Ram-Mandir

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राम मंदिर (Ram-Mandir) की विशिष्टता

  • Ram-Mandir में 5 मंडप : नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप व कीर्तन मंडप
  • 6.5 रिएक्टर के भूकम से भी कुछ नहीं होगा राम मंदिर का
  • L&T ने Ram-Mandir का निर्माण किया है और उनको मुताबिक मंदिर 1000 साल से ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
  • मंदिर के दरवाजे पर सोने की परत चढ़ गई है और लकड़ी के लिए महाराष्ट्र की सागवान की लकड़ी काम में लग गई है।
  • Ram-Mandir के निर्माण में राजस्थान का मकराना मार्बल और भरतपुर का लाल पत्थर काम में लिया गया है।
  • Ram-Mandir को सच्ची धार्मिक गुणवत्ता के साथ चारों ओर सजीव और आध्यात्मिक सुरक्षा की भावना से घेरा जाएगा। इस प्रतीत परकोटा का आकार आयताकार होगा, जिससे इसे एक आलोकमय साधन के रूप में अनुभव किया जा सकेगा। इसके चारों दिशाओं में, इस परकोटा की कुल लंबाई 732 मीटर होगी, जो धार्मिक भवन के इस महत्वपूर्ण हिस्से की अद्वितीयता को बढ़ाएगी। इसके साथ ही, इसकी चौड़ाई 14 फीट होगी, जिससे यह एक महत्वपूर्ण रूप से उच्च और मजबूत सुरक्षा की भावना से युक्त होगा।
  • यह परकोटा मंदिर को एक निरपेक्ष, अद्वितीय और प्रभावी स्थान बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक साक्षरता और शांति की ऊँचाइयों की ओर प्रेरित करेगा। यह सामंजस्यपूर्ण एवं धार्मिक स्थल आस्था और एकता की भावना से भरपूर होगा, जो समृद्धि और समृद्धि की ओर एक पथ प्रशस्त करेगा।
  • चारों कोनों पर चमकते हुए सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति, और भगवान शिव को समर्पित एक अद्वितीय मंदिर का निर्माण होगा, जो परकोटा के नैतिक और आध्यात्मिक विकास की ऊँचाइयों को प्रतिबिंबित करेगा। इस अद्वितीय स्थल पर उत्तरी भुजा में मां अन्नपूर्णा का सुंदर मंदिर स्थित होगा, जो अपनी कृपा से अपने भक्तों को आन्नद और संपूर्णता की अनुभूति कराएगा।
  • इसके साथ ही, दक्षिणी भुजा में हनुमान जी का एक विशेष मंदिर स्थापित किया जाएगा, जो सभी दिशाओं में सुरक्षा और साहस की प्रतीक होगा। यहां आने वाले भक्तों को हनुमान जी के आत्मविश्वास और शक्ति का आभास होगा, जो उन्हें जीवन की हर कठिनाई को पार करने में मदद करेगा।इस मंदिर का स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से अभियंत्रित होगा और इसमें शांति और ध्यान के लिए विशेष स्थल शामिल होगा। धार्मिकता, सांस्कृतिक समृद्धि, और समृद्धि के इस केन्द्र में आने वाले लोग अपने मन, शरीर, और आत्मा को समृद्धि की ऊँचाइयों तक पहुँचाने का अद्वितीय अनुभव करेंगे।
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